Cookies क्या है इसके फायदे और नुकसान इसे Delete कैसे करे

Cookies क्या है इसके फायदे और नुकसान इसे Delete कैसे करे

हमारे मोबाइल और लैपटॉप में कई तरह की फाइल होती है जिनमें से एक की कुकीज भी हमारे हार्ड ड्राइव में मौजूद एक नॉर्मल टेक्स्ट फाइल होती है जो कि इंटरनेट से ऑटोमेटिक सेव हो जाती है। जब भी हम कोई वेबसाइट ओपन करते हैं उसकी सारी जानकारी एक फाइल में सेव जाती है जिससे कि जब भी हम दोबारा कोई वेबसाइट ओपन करते हैं तो उस से रिलेटेड कोई भी पेज खोलने में ज्यादा आसानी होती है और इस प्रकार हमें भी कम समय लगता है और डेटा भी कम खर्च होता है। अगर टेक्निकली बात करें तो यह एक तरह का आइडेंटिफिकेशन कार्ड की तरह काम करता है जो कि इंटरनेट पर एडवरटाइजिंग साइज और ई-कॉमर्स वेबसाइट के लिए बहुत ही जरूरी होता है क्योंकि यह उन से रिलेटेड सभी प्रकार की ऐड दिखाने के लिए बहुत ही कारगर होता है।

अगर आप इंटरनेट का रेगुलर इस्तेमाल करते हैं तो आपने Cookies के बारे में जरूर सुना होगा। जैसे कि Android मोबाइल में उनके ऑपरेटिंग सिस्टम के नाम खाने की चीजों पर रखे जाते हैं वैसे ही इंटरनेट का नाम Cookies एक खाने की चीज से जुड़ा हुआ है। तो आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि Cookies क्या है और यह कैसे काम करती है और इसका क्या फायदा है।

[gt_heading id=”gt-heading-166″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#dd0000″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Cookies क्या है?[/gt_heading]

जब भी आप कोई भी Browser इस्तेमाल करते हैं चाहे वह गूगल क्रोम या फ़ायरफ़ॉक्स हो या इंटरनेट एक्सप्लोरर या कोई भी मोबाइल का ब्राउज़र जैसे opera मिनी या फिर UC Browser जब भी आप इन Browser का इस्तेमाल करते हैं और कुछ भी चीज surf करते हैं। उसकी जानकारी एक फाइल के रूप में हमारे फोन या हमारे कंप्यूटर में से हो जाती है जैसा कि आपने कौन सा कीवर्ड इस्तेमाल किया है और कौन सी वेबसाइट खोली है तो इस तरह की सभी जानकारी एक फाइल में सेव होकर हमारे मोबाइल है कंप्यूटर डाटा में रख दी जाती है ताकि इसका इस्तेमाल बाद में किया जा सके।

[gt_heading id=”gt-heading-610″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#dd0000″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Cookies कैसे काम करता है?[/gt_heading]

जैसा हमने आपको बताया कि जब भी हम ब्राउज़र पर सर्च करते हैं तो उनकी छोटी छोटी फाइलें हमारे कंप्यूटर या हमारे फोन में सेव हो जाती है। इससे वेबसाइट सर्वर को एक मैसेज के रूप में भेजा जाता है जब भी हम कोई साइत खोलते हैं या कुछ सर्च करते हैं उसके सारे डाटा एक फाइल में सेव हो जाता है। साइट पर जाते हो वहां पर आपको कई ऐसी चीजे दिखाई जाती हैं जो कि आपने पहले सर्च की हो या वो आपका उसमें इंटरेस्ट हो। एसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे मोबाइल या हमारे कंप्यूटर में कुकीज की फाइल से हो जाती है जिसको देखकर इंटरनेट पर उसी  के हिसाब से सारी विज्ञापन दिखाए जाते हैं।

कुकीज कई प्रकार के होते हैं, जिनके अलग-अलग काम होते हैं।

  • सेशन ( session cookies )
  • परसिस्टेंट ( persistent cookies )
  • सिक्योर ( secure cookies )
  • एचटीटीपी ओनली ( HTTP only cookies )
[gt_heading id=”gt-heading-478″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#dd0000″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Cookies के फायदे[/gt_heading]
  • Cookies को आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं और इस को लागू भी कर सकते हैं।
  • यह सर्वर की फाइल को सेव करने के लिए बहुत ही कम डाटा लेती है जो कि इसका बहुत बड़ा फायदा है।
  • जब हमारा ब्राउज़र किसी कारण से बंद हो जाता है तो इसका इस्तेमाल करके हम अपनी खोली हुई Tab दोबारा open कर सकते है।
  • कुकीज़ समय बचाने और डाटा बचाने बहुत ज्यादा हेल्प करती है।
[gt_heading id=”gt-heading-2″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#dd0000″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Cookies के नुकसान[/gt_heading]
  • यूज़र कुकीज को डिलीट कर सकते हैं।
  • किसी Browser में कुकीज़ को ब्लॉक करके उनके इस्तेमाल को रोक सकते हैं।
  • इसमें कॉन्पलेक्स टाइप के डाटा अलावा नहीं किया जाते हैं।
  • इनके फ़ाइल का साइज़ 4kb अभी से ज्यादा नहीं होता है जो कि एक इमिटेशन है यह हमारे पास वर्ड और हमारे यूज़र आईडी को सपोर्ट कर लेता है जो कि सिक्योरिटी के लिए बहुत ही खतरनाक है
[gt_heading id=”gt-heading-859″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#dd0000″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Cookies फ़ैक्ट[/gt_heading]
  • Cookies सभी Browser पर निर्भर करती है जैसे कि मान लो आप क्रोम ब्राउज़र का इस्तेमाल करते हैं तो आप उनकी कुकीज को दूसरे ब्राउज़र जैसे इंटरनेट एक्सप्लोरर, फ़ायरफ़ॉक्स में इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
  • सभी ब्राउज़र लगभग एक टेक्स्ट फाइल सेव करते हैं जिसको को Cookies कहते हैं।
  • यह किसी भी सेंसिटिव इंफॉर्मेशन को भी लीक कर सकते हैं।
  • Cookies डोमेन पर भी निर्भर करती है क्योंकि एक domain से लिया हुआ डाटा दूसरे डोमैन के बारे में नहीं बता पाएगा।
  • कुकीज के फाइल लगभग 4KB की होती है जो कि अलग-अलग ब्राउज़र में अलग अलग साइज की हो सकती है।
[gt_heading id=”gt-heading-499″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#dd0000″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Cookies कैसे क्लियर करे।[/gt_heading]

ब्राउज़र में कुकीज़ कलियर करना अलग-अलग के अलग अलग ऑप्शन आपको मिलेंगे। मैं आपको यहां फायर फॉक्स के कुछ ऑप्शन बता रहा हूं।

  • आप आपने Firefox Browser को ओपन कर लीजिए।
  • ओपन करने के बाद आप ऑप्शन में चले जाइए।
  • ऑप्शन में जाने के बाद आपको एडवांस नाम Tab मिलेगी।
  • आप उस पर क्लिक कर लीजिए।
  • उस पर क्लिक करने के बाद आपको नेटवर्क नाम से एक टैब दिखाई जाएगी।
  • उस पर क्लिक कर लीजिए और वहां पर आपको cache डाटा बताया जाएगा। जिसको आप clear करके अपने Firefox Browser की Cookies को क्लियर कर सकते हैं।

तो अब आपको पता लग गया होगा कि कुकीज क्या होती है, यह कैसे काम करती है और इसके फायदे और नुकसान क्या है और इसको आप कैसे अपने इंटरनेट ब्राउज़र से रिमूव कर सकते हैं। तो अगर आपको इसके बारे में कोई और सवाल पूछना है तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

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