कंप्यूटर के कंट्रोल पैनल की पूरी जानकारी

कंप्यूटर के कंट्रोल पैनल की पूरी जानकारी

हमारे कंप्यूटर या लैपटॉप में कंट्रोल पैनल बहुत ही बड़े काम की चीज है , इसकी मदद से ही आप अपने कंप्यूटर की सेटिंग कर सकते है ,कुछ को तो ये भी नहीं पता कि कंट्रोल पैनल में किस किस की सेटिंग है या कभी उन्हें जरूरत ही नहीं पड़ी कंट्रोल पैनल में जाने की, लेकिन कुछ खास बात होती कंट्रोल पैनल में जो  शायद आप नहीं जानते होंगे .

आपके पूरी कंप्यूटर की configuration या Specification की जानकारी आपके कंट्रोल पैनल में होती है , आपके कंप्यूटर में कौन सी विंडो है कोन सा वर्शन ,कितनी स्पीड ये सब जानकारी कंट्रोल पैनल में ही होती है .

Computer Ke Control Panel Ki Basic Jankari

जैसा की फोटो में आप देख सकते है कि कंट्रोल पैनल में बहुत सारे ऑप्शन है .लेकिन इनमें से जो ज्यादा इस्तेमाल में आते है वो मैं बता देता हु

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Device Manager [/gt_heading]

डिवाइस मैनेजर का इस्तेमाल हमारे कंप्यूटर के Internal हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को आपस में जोड़ने के लिए होता है जैसे कि अगर आप अपने कंप्यूटर में माउस लगाओगे तो वह माउस हार्डवेयर है और आपकी जो विंडो पर उसकी Functionality होगी वह एक सॉफ्टवेयर की मदद से होगी तो इन दोनों को आपस में जोड़ने के लिए डिवाइस मैनेजर काम करता है डिवाइस मैनेजर की मदद से आप देख सकते हैं कि आपके कंप्यूटर से जो भी डिवाइस connect हुई है वह सही तरह से connect हुई है और सही तरह से काम कर रही है या नहीं और डिवाइस मैनेजर की मदद से आप उस हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के कनेक्शन को चेक कर सकते हैं.

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Devices And Printer  [/gt_heading]

डिवाइस मैनेजर की तरह यह भी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को आपस में जोड़ने के लिए इस्तेमाल होता है डिवाइस मेजर में आप अपने कंप्यूटर के इंटरनल हार्ड वेयर को सॉफ्टवेयर से Connect कर सकते हैं या उसमें देख सकते हैं इसी तरह इसमें आप जो एक्सटर्नल हार्ड वेयर है जैसे कि एक्सटर्नल कीबोर्ड एक्सटर्नल माउस ,Printer, Scanner  इत्यादि को आप कनेक्ट करते समय यहां पर देख सकते हैं और उनकी सेटिंग यहां से कर सकते हैं अगर किसी हार्डवेयर में दिक्कत आ रही है तो यहां से आप उसकी सेटिंग  कर सकते हैं और उसे सही तरह से Connect कर सकते हैं.

जैसा कि आप ऊपर फोटो में देख सकते हैं एक ऑडियो ब्लूटूथ डिवाइस कनेक्ट है और एक मोबाइल का ब्लूटूथ कनेक्ट है तो अगर आपने पहले कोई डिवाइस कनेक्ट की है तो यहां पर आपको वह दिखाई देगी .

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Display [/gt_heading]

डिस्प्ले की सेटिंग में आप अपने कंप्यूटर की डिस्प्ले का साइज कम या ज्यादा कर सकते हैं उसको रोटेट ↵ कर सकते हैं और अगर आप अपने डिस्प्ले को जूम करके देखना चाहो तो आप magnifying  की मदद से अपनी डिस्प्ले को जूम करके भी देख सकते हैं और इससे ज्यादा डिस्प्ले की सेटिंग आपको अपने कंप्यूटर की होम स्क्रीन पर मिलेगी जहां पर आप होम स्क्रीन पर जा कर राइट क्लिक करोगे तो वहां पर आपको अपने कंप्यूटर की डिस्प्ले की सेटिंग का ऑप्शन मिलेगा और उस पर क्लिक करके और आप अपने कंप्यूटर की डिस्प्ले की सेटिंग हो कर सकते हैं.

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]File Explorer Options [/gt_heading]

फाइल एक्सप्लोरर की मदद से आप अपने कंप्यूटर के सभी फोल्डर की सेटिंग कर सकते हैं जैसे कि आप फोल्डर को Double Click से Open करना चाहते हैं या Single क्लिक से ओपन करना चाहते हैं या फोल्डर को आप New Window में Open करना चाहते हैं या उसी विंडो में Open करना चाहते हैं और इसी ऑप्शन की मदद से आप अपने कंप्यूटर की फाइल की सेटिंग भी कर सकते हैं जैसे अगर आप किसी फोल्डर को छुपाना चाहते हैं तो इस ऑप्शन की मदद से आप उस फोल्डर को छुपा सकते हैं या वापस दिखा सकते हैं.

इस ऑप्शन से आप अपने कंप्यूटर की Files की भी सेटिंग कर सकते हैं जैसे कि अगर आप किसी भी फाइल की एक्सटेंशन बदलना चाहते हैं जैसे कोई सॉन्ग डॉट MP3 है और आप नहीं चाहते कि कोई उसको सुन सके तो आप उसकी एक्सटेंशन को बदल सकते हैं जिससे कि वह MP3 नहीं रहेगा और उसे कोई प्ले नहीं कर पाएगा ऐसे ही अगर आप कोई भी फाइल चाहते हैं कि उसे कोई ओपन ना कर पाए तो उस फ़ाइल की एक्सटेंशन को आप हटा दीजिए जैसे “aapkifile.text ” इसमें से अगर आप .text  हटा देंगे तो ये फाइल open नहीं होगी .

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””] Fonts [/gt_heading]

अगर आप अपने कंप्यूटर में फोटो एडिटिंग करते हैं या टैक्स का इस्तेमाल डिजाइनिंग के लिए करते हैं तो आपको फोन की जानकारी होना बहुत ही जरुरी है और इस ऑप्शन में आप अपने कंप्यूटर के सभी पोस्ट को देख सकते हैं अगर आप अपने कंप्यूटर में नए फोन इंस्टॉल करना चाहते हैं जो भी आपको इस ऑप्शन की जरूरत पड़ेगी फोन के इस ऑप्शन में आप अपने कंप्यूटर में कोई भी नया फोन इंस्टाल कर सकते हैं और कोई भी इंस्टॉल हुआ फोटो वापस से डिलीट कर सकते हैं

फोंट इंस्टॉल करने के लिए आपको सिर्फ इंटरनेट से फोंट डाउनलोड करना है अगर फोंट ZIP फाइल में डाउनलोड हुआ है तो पहले इसे एक्सट्रेक्ट कर लीजिए और इसके अंदर .ttf फाइल है उसके ऊपर आपको डबल क्लिक करना है और आपको एक पॉप उप विंडो दिखेगी जिसमें आपको इंस्टॉल का ऑप्शन मिलेगा उसके ऊपर क्लिक करते ही आपका फोन आपके कंप्यूटर में इंस्टॉल हो जाएगा और आपको यह फोन कंट्रोल पैनल के इस font फोल्डर  में दिखाई देगा और दूसरे तरीके से इंस्टॉल करने के लिए आप डाउनलोड किए हुए font  को सिंपली इस  फोल्डर में उठा कर डालेंगे तो भी font अपने आप इंस्टाल हो जायेगा.

[heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””] Internet Options [/gt_heading]

अगर आप अपने कंप्यूटर में इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो आपको इस ऑप्शन के बारे में जानकारी होना बहुत ही जरुरी है बहुत से लोगों को इस ऑप्शन के बारे में कोई जानकारी नहीं होती इसीलिए वह इस आप्शन का इस्तेमाल भी नहीं कर पाते.

Internet Options में General TABके आप्शन  Internet Explorer के लिए इस्तेमाल होती है जोकि विंडो का खुद का इंटरनेट ब्राउज़र है अगर आप विंडो का  Internet Explorer इस्तेमाल करते हैं तो आप General सेटिंग में इसकी सेटिंग कर सकते हैं जैसे की आप होम पेज में क्या ओपन करना चाहते हैं तो होम पेज में हम Google.com को सेट करके रखते हैं ताकि जब भी हम होम पेज के ऊपर क्लिक करें तो Google निकल कर आए आप Google की जगह कोई और वेबसाइट सेट कर सकते हैं.

इसके बाद में सिक्योरिटी की टैब में आपको वेबसाइट से संबंधित कुछ और ऑप्शन मिलते हैं जैसे कि अगर आप किसी वेबसाइट को अपने कंप्यूटर पर ब्लॉक करना चाहते हैं जिससे कि वह वेबसाइट आपके कंप्यूटर पर ओपन नहीं होगी इसके लिए आप restricted sites के ऑप्शन से उस वेबसाइट को ब्लॉक कर सकते हैं.

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Keyboard [/gt_heading]

कीबोर्ड की सेटिंग में कुछ ज्यादा बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ती इसमें हम सिर्फ जो भी character लिखते हैं उनकी Repeat की जो स्पीड है उसे हम कम या ज्यादा कर सकते हैं तो कीबोर्ड में हमें कुछ भी बदलाव करने की जरुरत नहीं है

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Language [/gt_heading]

लैंग्वेज की सेटिंग में हम अपने कंप्यूटर में अलग-अलग तरह की लैंग्वेज को ऐड कर सकते हैं या कहें कि हम अपने कंप्यूटर में और भाषाओं को जोड़ सकते हैं अगर आप अपने कंप्यूटर को हिंदी भाषा में देखना चाहते हैं और हिंदी भाषा में लिखना चाहते हैं तो आपको यहां पर Add A Language के ऊपर क्लिक करना है और हिंदी भाषा को सेलेक्ट कर लेना है और आपकी हिंदी भाषा यहां पर आ जाएगी इसी तरह आप कोई भी दूसरी भाषा यहां पर ऐड कर सकते हैं.

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Mouse [/gt_heading]

माउस कंप्यूटर की सबसे महत्वपूर्ण डिवाइस है मां उसके बिना हम शायद कंप्यूटर को चलाने की भी नहीं सोचते माउस के ऑप्शन में आप अपने माउस की काफी ज्यादा चैटिंग कर सकते हैं तो सबसे पहले ही माउस में आपको बटन कॉन्फ़िगरेशन का ऑप्शन मिलता है जिससे कि आप अपने माउस के बटन बदल सकते हैं जैसे कि अगर आप चाहते हैं कि जो काम लेफ्ट क्लिक करता है वह काम राइट क्लिक करें और जो काम आर राइट क्लिक करता है वही काम लेफ्ट क्लिक करें तो यह आप switch primary and secondary buttons के ऊपर क्लिक करके कर सकते हैं.

इसके बाद में आप अपने माउस की डबल क्लिक  स्पीड को कम या ज्यादा कर सकते हैं माउस में सबसे ज्यादा हम डबल क्लिक का इस्तेमाल करते हैं तो डबल क्लिक  की स्पीड को कम या ज्यादा करने के लिए आप Double Click Speed  के ऑप्शन में इसकी स्पीड स्लो या फास्ट कर सकते हैं यहां पर आपको 1 पॉइंट दिया गया है जिसकी मदद से आप इसकी स्पीड को कंट्रोल कर सकते हैं.

इसके बाद में पॉइंटर की टैब में आप अपने माउस के पॉइंटर को बदल सकते हैं उसके डिजाइन को बदल सकते हैं लेकिन इसकी हमें ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती.

और इसके बाद में है pointer के कुछ ऑप्शन जहां से आप पॉइंटर की सेटिंग कर सकते हैं माउस के पॉइंटर को हम जहां भी घूम आते हैं डिस्प्ले पर उसकी स्पीड को भी हम कम या ज्यादा कर सकते हैं यहां पर Motion के ऑप्शन में इसकी स्पीड Slow या Fast कर सकते हैं तो जितनी आपको फास्ट या स्लो करनी है वह आप पॉइंटर की मदद से सेट कर सकते हैं और सेट करने के बाद मैं आपको इसे अप्लाई करना पड़ता है तभी यह स्पीड काम करेगी

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Network And Sharing Center [/gt_heading]

अगर आप अपने कंप्यूटर पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो आपको Network & Sharing Center ऑप्शन के बारे में पता होना बहुत ही जरुरी है जब आपका कंप्यूटर इंटरनेट से कनेक्ट होता है तब आप Network & Sharing Center में उस कनेक्शन को देख सकते हैं और उसकी सारी प्रॉपर्टी और उसकी सेटिंग भी यहां पर कर सकते हैं और यही पर हम और नेटवर्क क्रिएट कर सकते हैं या ब्रॉडबैंड के लिए भी हम यहां से डायलॉग ऑप्शन बना सकते हैं और अगर आपका कंप्यूटर इंटरनेट से कनेक्ट नहीं हो रहा है कोई भी दिक्कत आ रही है तो आप यहां से प्रबल सूट भी कर सकते हैं.

आपका कंप्यूटर इंटरनेट से कनेक्ट हो तब आपको यहां पर जो कनेक्शन दिखाई देगा उसके ऊपर क्लिक करने से आपको उसकी सारी Detail दिखाई देगी उसकी सारी स्पीड की जानकारी मिलेगी कितनी स्पीड से डाटा अपलोड हो रहा है और कितनी स्पीड से डाउनलोड हो रहा है और उसी के साथ आपको उसके अंदर उसकी सेटिंग मिलेगी जहां से आप उसकी सेटिंग को एडिट कर सकते हैं या उसे बदल सकते हैं इसीलिए आपको Network & Sharing Center जानकारी होना बहुत ही जरुरी है

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Personalization [/gt_heading]

अगर आप अपने कंप्यूटर की थीम वॉलपेपर बदलना चाहते हैं तो आप पर्सनल-आई-जेसन (Personalization)ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं यहां पर आप अपने कंप्यूटर के डिजाईन को बदल सकते हैं या यहां पर आप न्यू थीम अपने कंप्यूटर में इंस्टॉल कर सकते हैं जिससे की आपके कंप्यूटर का लुक एकदम बदल जाएगा और यहीं से आप अपने कंप्यूटर के जो कलर होते हैं वह भी बदल सकते हैं और यहीं से आप अपने कंप्यूटर के जो साउंड इफेक्ट होते हैं जैसे हम कही पर क्लिक करते हैं तब जो साउंड आती है या कोई Error आता है तब जो साउंड आती है वह सारी की सारी साउंड आप यहां से कंट्रोल कर सकते हैं

लेकिन इस ऑप्शन को ओपन करने के लिए आप को कंट्रोल पैनल में आने की जरूरत नहीं है आप अपने कंप्यूटर की होम स्क्रीन पर राइट क्लिक करके और Personalization ऑप्शन पर क्लिक करके सीधे इसकी सेटिंग में आ सकते हैं और वहीं से आप अपने कंप्यूटर की जो भी थीम या वॉलपेपर बदल सकते हैं

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Programs And features [/gt_heading]

आपके कंप्यूटर में जितने भी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होंगे वह सभी प्रोग्राम एंड टीचर की ऑप्शन में दिखाई देंगे.यहां से आप उन सॉफ्टवेयर का साइज और वर्जन बड़ी ही आसानी से पता कर सकते हैं और इसी के साथ आप उन सॉफ्टवेयर को अपने कंप्यूटर से डिलीट कर सकते हैं जो सॉफ्टवेयर आपके कंप्यूटर में बेवजह हो जिनका आप कोई इस्तेमाल नहीं कर सकते तो उन्हें आप अपने कंप्यूटर से हटा दीजिए ताकि आपका कंप्यूटर ज्यादा अच्छे से काम करें

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Sound [/gt_heading]

हमारे कंप्यूटर की जितनी भी ऑडियो की सेटिंग होती है वह इस साउंड के ऑप्शन से होती है चाहे ऑडियो हमें सुननी हो या माइक की मदद से ऑडियो कंप्यूटर में रिकॉर्ड करनी हो तो जो भी सेटिंग होती है वह सारी साउंड के ऑप्शन में होती है तो अगर आपके हेडफोन या स्पीकर में ऑडियो ड्राइवर के कारण आवाज नहीं आ रही तो आप इस साउंड के ऑप्शन में आ कर उसे ठीक कर सकते हैं.

यहां से आप अपने स्पीकर की आवाज को कंट्रोल कर सकते हैं इसी के साथ अगर आप चाहते हैं कि आपके कंप्यूटर की Master Volume Full  ही रहे और जो सॉफ्टवेयर ऑडियो आउटपुट दे रहा है उस सॉफ्टवेयर की आवाज कम रहे तो वह भी आप यहां से सेट कर सकते हैं और अगर आप जब रिकॉर्डिंग कर रहे हो तब माइक की आवाज कम रखनी है तो आप यहां से अपने माइक की आवाज को भी कम या ज्यादा कर सकते हैं.

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]System [/gt_heading]

सिस्टम के ऑप्शन से आप अपने कंप्यूटर की कॉन्फ़िगरेशन पता कर सकते हैं कि आपके कंप्यूटर में कौन सी विंडो इनस्टॉल है और आपके कंप्यूटर में कितनी जीबी रैम है और इसका कौन सा प्रोसेसर है और उस प्रोसेसर की कितनी स्पीड है तो यह सब जानकारी आपको इस सिस्टम ऑप्शन में मिलती है तो अगर आपसे कोई यह पूछे कि आपके कंप्यूटर की क्वालिफिकेशन क्या है तो आप यह सिस्टम ऑप्शन ओपन करके दिखा सकते हैं

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e81700″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Troubleshooting [/gt_heading]

ट्रबल शूटिंग विंडो का एक ऐसा Tool है जिसकी मदद से हम विंडो में आने वाले Error और दिक्कत को सही कर सकते हैं जैसे कि अगर आप का कोई सॉफ्टवेयर पुराने वर्जन का है जो कि विंडो के पुराने वर्जन पर काम करता था लेकिन अब आपने नई विंडो इंस्टॉल की है उसके ऊपर वह सॉफ्टवेयर काम नहीं करता तो आप ट्रबल शूटिंग की मदद से वह सॉफ्टवेयर आपकी नई विंडो पर चला सकते हैं.

और इसी तरह अगर आपने अपने कंप्यूटर में कोई नया हार्डवेयर डिवाइस कनेक्ट किया है और वह सही तरह से कनेक्ट नहीं हो रहा है या सही तरह से काम नहीं कर रहा है तो आप ट्रबल शूटिंग की मदद से उसे सही तरह से कनेक्ट कर सकते हैं और उसे सही तरह से काम करवा सकते हैं.

तो यह था कंट्रोल पैनल का काम और इसके लगभग सभी खास ऑप्शन जो ज्यादातर इस्तेमाल किए जाते हैं अगर इसके अलावा आप कंट्रोल पैनल का कोई ऑप्शन ऑप्शन के बारे में जानना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके हमें जरुर बताएं और अगर पोस्ट में कहीं पर भी कोई कुछ भी गलती हो तो भी नीचे कमेंट करके जरूर बताएं.

9 thoughts on “कंप्यूटर के कंट्रोल पैनल की पूरी जानकारी”

  1. dj chotu producation (neel pankh0

    Namaste SIR maine aapki website reading kr raha hu .hindi video tutorial bhi dekha aapke samjhane ka trika bhut hi aacha hai .sir i need software crack karana plzzz sir is ka hindi tutorial jarur jald se jald banaeye ga.

  2. Ajay Singh Choudhary

    भाई सच सच बताना आप इस वेबसाइट से कितने पैसा कमा लेते हैं.

  3. 1…agar sir me server lan se 10 pc cannect kiya huwa hu muje sarver me ek drive ko aisa canvat karna h ki other pc me file copy kiya jaiye magar cut na ho ???ye kaise kare ge

    2…jaise mare server me 4 drive h C.D.E.F ab mare server se 20 pc cannect h or muje 5 pc me C drive sayer karna h or 12 Pc me E drive or 1 pc me D or 1 pc me F drive or ek pc me kuch nhi sirf net cannect rahe kaise kare ge????
    3….mana mare server se 20 pc cannect h or sab me server se file sayer ho raha h muje total pc lock karna h ki usme koi v hard disk .pendrive. chip. dvd cd ye .sport na jare ya koi naya software install na ho mare employees aise or server se data le or kam kare or usi me move kare

    4…net gayer ky h ise kaise use kare …
    5…agar server me muje 32 Tb ya 16 tb rakhna h to muje kaise karna hoga kitna ram lagana hoga .or wo kaise mare 20 pc me speed me copy pest hoga agar koi drive craft kar gaya h to use kaise recovery kare ge
    6…ek 20 pc cannect karne wala server banane me jime 30 tb laga ho or fast kam kar raha ho usko kaise baniye ge .
    7…ek server me savi drive ko alag alag ip me kaise convate kare ge …..
    8….ek 4 gb wala pc kitna gb hardisk fast sport kr sakta h

    Thanku plz mare savi sawalo ka jawab muje jarur vaje
    Deepak agarwal mail id
    Deepak.kol5566@gmail.com

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