अंतरिक्ष के बारे में अद्भुत रोचक जानकारी

अंतरिक्ष के बारे में अद्भुत रोचक जानकारी

अंतरिक्ष यानी कि हमारे पृथ्वी के बाहर का वातावरण जब हम पृथ्वी से आसमान की तरफ देखते हैं तो हमे बहुत से तारे दिखाई देते हैं और इसे ही अंतरिक्ष कहते है  अंतरिक्ष के अंदर  बहुत से तारे और पृथ्वी के जैसे  ग्रह परिक्रमाएं करते रहते हैं और अंतरिक्ष के बारे में सोचते है,तो हमे टिमटिमाते तारे, चमचमाता चांद, जगमागाता सूरज कितना अद्भुत और अनोखा नजारा हमारी आँखों के सामने आता है पर अपने व्यस्त जीवन में हम इन चीजों की तरफ ध्यान ही नहीं दे पाते लोगों के मन में हमेशा यह जानने की जिज्ञासा रहती है कि अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में  क्या है और और अंतरिक्ष कैसा दिखाई देता है अंतरिक्ष की तस्वीरें तो बहुत ही देखी है लेकिन आंखों से देखने का मौका कुछ लोगों को मिलता है |

लेकिन हमारा ब्रह्मांड जितना शांत हमें दिखाई देता है उतना शांत है नहीं अंतरिक्ष के अंदर बहुत सी ऐसी घटनाएं होती रहती है जिनके बारे में आम जनता तो अपरिचित है और उनके बारे में केवल कुछ ही लोगों को मालूम है कुछ घटनाएं तो ऐसी होती है जिनके बारे में हम कल्पना भी नहीं कर सकते तो आज हम कुछ ऐसी घटनाओं के बारे में चर्चा करेंगे जिनके बारे में शायद ही आपको पता होगा तो देखिये |

[gt_heading id=”gt-heading-828″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”fa fa-globe” separator_color=”#004fb7″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]1 . Asteroids And Comets[/gt_heading]

क्षुद्रग्रह जो अंतरिक्ष के अंदर बिना किसी कक्षा के  परिक्रमा करता है और 9 जनवरी  2017 को  एक क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराने की बात सामने आई विज्ञानिकों ने कुछ दिन पहले ही इसकी जानकारी ली थी लेकिन यह सुधर गृह चंद्रमा और पृथ्वी के बीच से निकल गया  वैज्ञानिकों का कहना था कि यह शुद्र ग्रह यदि पृथ्वी से टकरा जाता तो पृथ्वी बहुत नुकसान कर देता क्योंकि इस क्षुद्रग्रह का आकार करीब 10 से 15 मंजिला इमारत जितना था और सन 2013 के अंदर इतना ही बड़ा शुद्र ग्रह रसिया के शहर चेलबिन शहर के ऊपर टूट कर बिखर गया था और उससे हजारों लोग घायल हो गए थे |

और कहां जा रहा है कि ऐसे बहुत से क्षुद्रग्रह और धूमकेतु अंतरिक्ष के अंदर मौजूद है और उनमें से बहुत से पृथ्वी की परिक्रमा के करीब रहते हैं लेकिन अभी तक केवल वैज्ञानिकों ने हजार के करीब भी क्षुद्रग्रह का पता लगा पाए है  इतनी अच्छी टेक्नोलॉजी के बावजूद भी हम छोटे-छोटे क्षुद्रग्रह का पता नहीं लगा सकते क्योंकि उनका खुद का प्रकाश नहीं होता और वह अच्छे से दिखाई नहीं देते |

लेकिन कहां जाता है कि करोड़ों साल पहले डायनासोर की प्रजाति खत्म होने का कारण भी क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराना ही था उस समय इतना बड़ा क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराया के ऊपर सब कुछ खत्म कर दिया और डायनासोर की प्रजाति लुप्त हो गई लेकिन पृथ्वी बुध ग्रह कारण के कारण बची हुई है क्योंकि बुध ग्रह का  गुरुत्वाकर्षण बल बहुत ज्यादा है जिससे वह सभी क्षुद्रग्रह या धूमकेतु धूमकेतु की दिशा को मोड़ देता है और उन्हें  वह पृथ्वी की ओर आने नहीं देता है |

[gt_heading id=”gt-heading-242″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”fa fa-globe” separator_color=”#004fb7″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]2 . Rogue Planet ( लावारिस ग्रह)[/gt_heading]

अंतरिक्ष में बहुत से ग्रह तो अपनी कक्षा के अंदर अपने तारे की परिक्रमा करते हैं लेकिन बहुत से ऐसे ग्रह भी है जिंदगी कोई कक्षा नहीं होती और ना ही उनका कोई तारा होता है जिसकी परिक्रमा करें वह लावारिस ग्रह की तरह सौर मंडल में आकाशगंगा की परिक्रमा करते  हैं परिक्रमा करते रहते हैं यह ग्रह किसी सौरमंडल से नहीं जुड़े होते यह किसी कारण से अपने सौरमंडल से बाहर धकेल दिए गए हैं या यह अपने आप बने हुए ग्रह होते हैं जिस तरह तारों का निर्माण हुआ है वैसे ही इन ग्रह का भी निर्माण होता रहता है

और अंतरिक्ष में ऐसे लावारिस ग्रह बहुत ज्यादा मात्रा में हैं वैज्ञानिकों का कहना है कि जितने आसमान में सितारे हैं उतने ही ऐसे लावारिस ग्रह भी अंतरिक्ष में मौजूद है और वैज्ञानिकों को उन्हें देखने में इसलिए दिक्कत होती है क्योंकि इनका अपना प्रकाश नहीं होता कुछ समय पहले एक लावारिस ग्रह की पहचान की गई थी जिसका नाम WISE0855-0714 रखा गया था यह ग्रह पृथ्वी से बहुत ज्यादा दूरी पर है और इसलिए विज्ञानिकों का मानना है कि इस लावारिस ग्रह की पृथ्वी से टकराने की संभावना बहुत कम है

लेकिन वैज्ञानिकों  कि चांद के ऊपर खोज से पता चला कि  पता चला कि पृथ्वी पहले भी एक लावारिस ग्रह से टकरा चुकी है वह बृहस्पति ग्रह के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी की कक्षा में आ गए और पृथ्वी से टकरा गया जिससे पृथ्वी के कुछ टुकड़े और उस लावारिस ग्रह के कुछ टुकड़े अंतरिक्ष में फैल गए और उपग्रह के रूप में चांद का निर्माण हुआ

लेकिन विज्ञानिकों का गाना है कि निकट भविष्य में ऐसी कोई संभावना नहीं है कि कोई लावारिस ग्रह पृथ्वी से टकराएगा लेकिन अंतरिक्ष अनिश्चितताओं की दुनिया है इसमें कुछ भी हो सकता है अभी है सिर्फ संभावना जताई जा रही है इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है |

[gt_heading id=”gt-heading-808″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”fa fa-globe” separator_color=”#004fb7″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]3 . Hypervelocity Star[/gt_heading]

Hypervelocity  स्टार अंतरिक्ष में बहुत ज्यादा तेजी से चलने वाला स्टार होता है यह सितारा आम सितारे के मुकाबले 10 गुना ज्यादा तेजी से अंतरिक्ष में चलता है और यह सितारा तो लावारिस ग्रह से भी ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि यदि यह एक तारा पृथ्वी से टकरा जाए तो लावारिस ग्रह से ज्यादा विनाश कर सकता है इस तारे की गति लगभग हजार किलोमीटर प्रति सेकंड होती है जो आम सितारे के मुकाबले लगभग 10 गुना ज्यादा है और इन सितारों का निर्माण दो सितारों के मिलने से होता है

यानी कि इनका जन्म बाइनरी स्टार सिस्टम से होता है जिसके अंदर दो सितारे समान द्रव्यमान के एक साथ मिलते हैं तो इस तरह का निर्माण होता है बाइनरी सिस्टम के कारण जब दो सितारे आपस में मिलते हैं तो दोनों में विस्फोट होता है और एक तारा बाहर धकेल दिया जाता हैऔर वह Hypervelocity  स्टार बन जाता है |

[gt_heading id=”gt-heading-602″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”fa fa-globe” separator_color=”#004fb7″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]4 .लावारिस ब्लैक होल[/gt_heading]

ब्लैक होल के बारे में तो बहुत सुना है यह अंतरिक्ष में एक ऐसा स्थान होता है जहां गुरुत्वाकर्षण बल इतना तेज होता है कि यदि वहां कोई भी चीज आ जाए तो वह अपनी ओर खींच लेता है और यदि कुछ भी ब्लैक होल के अंदर चला जाए तो वह कभी वापस नहीं आता यहां तक कि यदि प्रकाश भी इसके अंदर जाता है तो वह वापस दिखाई नहीं देता है

सभी आकाशगंगाओं के अंदर एक ब्लैक होल मौजूद होता है और यह अपनी और आने वाली सभी चीजों को निकल लेता है और यदि एक बार कोई चीज ब्लैक होल के अंदर चली जाए तो वह कभी वापस नहीं आती और ब्लैक होल का हिस्सा बनकर वही रहती हैजब दो आकाशगंगाए आपस में मिलती हैं तो वह एक ब्लैक होल का निर्माण करती है |

[gt_heading id=”gt-heading-56″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”fa fa-globe” separator_color=”#004fb7″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]5 . आकाशगंगाओं का टकराव[/gt_heading]

वैज्ञानिकों का कहना है कि आज से करीब 400 करोड साल बाद हमारी आकाशगंगा Milky way दूसरी आकाश गंगा एंड्रोमेडा से टकरा जाएगी पर कुछ विज्ञानिकों का यह भी मानना है कि इन दोनों आकाशगंगा का टकराना लगभग नामुनकिन है क्योंकि इनके बीच की दूरी बहुत ज्यादा है

पर यदि दोनों आकाशगंगा आपस में टकराती है तो भी इतना नुकसान नहीं होगा जितना अनुमान लगाया जा रहा है और इसका असर अंतरिक्ष पर भी नहीं पड़ेगा जब यह दोनों आकाशगंगा आपस में टकराएंगी तो इनके बीच के ब्लैक होल भी आपस में विलय होकर एक विशाल ब्लैक होल का निर्माण कर देंगे और इससे एक नई आकाश गंगा का निर्माण होगा|

यह एक ऐसी निश्चित घटना है जिस की जानकारी वैज्ञानिकों को पहले ही मिल चुकी है वह यह करोड़ों साल बाद जरूर होगा  लेकिन उस समय तक मानव जाति रहे |

[gt_heading id=”gt-heading-154″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#f90800″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]यह भी देखे [/gt_heading]

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