Resume और CV में क्या फर्क होता है

Resume और CV में क्या फर्क होता है

जब भी हम किसी नौकरी के लिए अप्लाई करने के लिए जाते हैं तो हमारे हाथ में एक कागज होता है। जिसमें हमने कितनी स्टडी की है कहां पर जॉब की है उसके बारे में लिखा होता है और हमारे किसी फील्ड में कितने साल का एक्सपीरियंस है इसमें यह सब बताया होता है। लेकिन कुछ लोग इसे Resume कहते हैं कुछ लोग इसे Curriculum Vitae (CV ) कहते हैं और कुछ लोग इसे बायोडाटा भी कहते हैं। आज इस आर्टिक्ल में मैं आपको बताऊंगा की इन सब में क्या अंतर है।

सबसे पहले बायोग्राफी डाटा के बारे में जान लीजिये। बायोग्राफी का मतलब होता है आप की जीवनी। बायोडाटा में आपका जन्म कब कहां हुआ उसके बारे में लिखा जाता है। आप के पिता जी कौन है। आपके पिता जी क्या काम करते हैं। आप की माता का नाम क्या है। और आपने कितनी पढ़ाई की है। क्या आप जॉब करते हैं या नहीं। इस बारे में पूरा बायोडाटा में बताया गया होता है। यह लगभग शादी के लिए दिया जाता है। इसलिए जब भी आप जॉब के लिए अप्लाई करते हैं गलती से भी आप अपना बायोडाटा ना भेजें। क्योंकि कंपनी आपके काम में इंटरेस्ट रखती है ना कि आप में। जब भी हम जॉब के लिए अप्लाई करते हैं तो हम कंपनी को हमारे हुनर के बारे में बताते हैं। जिससे अगर यह कंपनी के हिसाब से मैच करता है तो कंपनी आपको जॉब के इंटरव्यू के लिए बुला लेती है। इसकी जगह अगर आप अपना बायोडाटा भेजेंगे तो आप मजाक का पात्र बन सकते हैं।

[gt_heading id=”gt-heading-466″ tag=”h3″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e00000″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Resume[/gt_heading]

Resume का मतलब होता है Summary। इसमें हम अपने बारे में डिटेल को छोटी कर के लिखते हैं और सिर्फ उन बातों पर ध्यान दिया जाता है जो जॉब के लिए जरूरी है। इसलिए रिज्यूम सिर्फ एक या दो ही page होना चाहिए। इससे ज्यादा बड़ा रिज्यूम नहीं होना चाहिए।

उदाहरण के तौर पर अगर आप एक इंग्लिश टीचर हैं और आप जॉब के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आप सिर्फ अपने टीचिंग एक्सपीरियंस के बारे में ही बताएंगे। रिज्यूम में आप यह नहीं लिखेंगे कि आप कंप्यूटर के भी एक्सपर्ट है। आप सिर्फ रिज्यूम में जॉब से संबंधित जानकारी ही लिखें। इसीलिए रिज्यूम छोटा होता है।

[gt_heading id=”gt-heading-136″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”left” icon=”” separator_color=”#e00000″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]Curriculum Vitae[/gt_heading]

CV की फुल्ल फोरम Curriculum Vitae है। इसका हिन्दी में मतलब biodata ही होता है लेकिन इसका अर्थ यहाँ अलग होता है। इसमे अपनी शिक्षा, योग्यता, और पिछले अनुभव का संक्षिप्त विवरण इत्यादि लिख कर आमतौर पर नौकरी आवेदन के साथ भेजा जाता है।

इसमें आप जॉब और अपने बारे में related सारी जरुरी चीजे लिख सकते हैं। और इसके साथ साथ आप कॉलेज में मिले अवार्ड, कॉलेज का नाम रिजल्ट और अपने लाइफ में जितने भी आपने उपलब्धियां ली है उनके बारे में आप से मिल सकते हैं। इसलिए CV 3 से 4 तक लंबा भी हो सकता है।

कंपनी वालों के पास इतना टाइम नहीं होता है कि वह आप की पूरी डिटेल आराम से पढ़े और ना ही उनके लिए आपके पूरे detail का कोई मतलब होता है। रिज्यूम और CV दोनों एप्लीकेशन कंपनी के लिए इंटरव्यू के आधार पर भर्ती में हेल्प करती है। इनकी मदद से कंपनी को पता लग जाता है कि किस पर्सन को बुलाना है और किस को नहीं बुलाना है। इसलिए कंपनी इंटरव्यू से पहले Resume और CV मांगती है।

[gt_heading id=”gt-heading-883″ tag=”h1″ type=”double-separator” text_align=”center” icon=”” separator_color=”#e00000″ font_size=”” font_color=”” font_weight=”normal” css=””]CV vs Resume[/gt_heading]

Curriculum Vitae (CV) Resume
लंबाई 2-4 पेज 1 पेज , 3 पेज से ज्यादा नही
Content नाम, पता, मोबाइल नंबर, स्टडि, एक्सपिरियन्स और स्किल्स।  अपने नाम से रिलेटेड पिछली जानकारी, अवार्ड, रिसर्च इत्यादि नाम, पता,स्टडि, एक्सपिरियन्स और स्किल्स।

पिछली कंपनी की जानकारी इत्यादि.

कहाँ दे टीचर, और रिसर्च की जॉब के लिए लगभग सभी तरह की कंपनी के आवेदन के लिए

तो अब आपको पता लग गया होगा कि इन तीनों वर्ड में क्या अंतर है। इसलिए जब भी आप कोई कंपनी में आवेदन देते हैं तो ध्यान पूर्वक आवेदन दे। ताकि आपको जॉब की कॉल आने के चांस बढ़ जाए। अगर आपका इसके बारे में कोई और सवाल है तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। या फिर हमारे फेसबुक पेज पर हमें मैसेज करके इसके बारे में और जानकारी ले सकते हैं।

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